बेटी बचाव बेटी पढाव अभियान सरकार द्वारा चलाया जा रहा है जिससे बेटीयां सुरक्षित रहे और आगे बढ़ सके. लेकिन तमाम योजनाएं चलाने के बाद भी आज महिलाएं जहां एक ओर घरेलु हिंसा का शिकार हो रही है तो वहीं घर से बहार निकलने पर कार्यालय में भी उन्हे बख्सा नहीं जा रहा. जहां उन्हे नीचा दिखाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाती. उन्हे मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जाता है. एक ऐसा ही मामला देहरादून से सामने आया है.
दरसल कुछ समय पहले, देहरादून में एक प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनी के एक सीनियर कर्मचारी द्वारा किए गए अश्लील टिप्पणियों के साथ एक महिला कर्मचारी के साथ हुए घटना के सम्बंध में आरोप लगाए गए हैं।
घटना का समय और स्थान
इस घटना का समय और स्थान देहरादून में था, जब एक सीनियर कर्मचारी ने अपनी एक महिला सहयोगी पर अश्लील टिप्पणी की। घटना का समय शनिवार को 11.30 बजे था, जब महिला कर्मचारी अपने ऑफिस पहुंची थी। वहां पर उसके सीनियर तेजेंदर नागपाल पहले से मौजूद थे। इस घटना के बाद, महिला ने आरोप लगाया कि उनके सीनियर द्वारा उनके साथ अभद्र और अश्लील टिप्पणियां की गई साथ ही उन्हें धमकी भी दी गई।
महिला कर्मचारी की शिकायत और उसके आरोप
महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उनके सीनियर कर्मचारी तेजेंदर नागपाल ने उनके साथ अश्लील टिप्पणी की, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर आसर पड़ा है। उनके आरोपों के मुताबिक, नागपाल ने उनके शरीर को लेकर अश्लील टिप्पणी की और उनके साथ गलत तरीके से व्यवहार किया। महिला कर्मचारी ने यह भी दावा किया है कि जब उन्होंने इस अश्लील व्यवहार का विरोध किया, तो उन्हें गाली-गलौज सुनाई गई साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
आरोपी के खिलाफ मुकदमा
आरोपी तेजेंदर नागपाल के खिलाफ महिला कर्मचारी ने एक मुकदमा दर्ज करवाया है। इस मुकदमे के तहत, उन्होंने उनके द्वारा किए गए अश्लील टिप्पणियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाया है। इसके बाद से विभागीय अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों ने इस मामले की जांच शुरू की है.
घटना की गंभीरता
इस मामले में घटना की गंभीरता को देखते हुए, जांचकर्ता और कानूनी अधिकारी इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। अश्लील टिप्पणियों और धमकियों के आरोपों के साथ, उसकी मानसिक और शारीरिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ होने के आरोप ने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है।
ऑफिस के अन्य कर्मचारियों की पूछताछ
मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, ऑफिस के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि तेजेंदर नागपाल महिला के साथ लंबे समय से इस तरह की हरकत कर रहे थे.
पॉश समिति की भूमिका
इस पूरे मामले में, अश्लील हरकत पर पॉश समिति की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। पॉश समिति का मुख्य उद्देश्य ऑफिस में अश्लील और अवैध हरकतों के खिलाफ एक सुरक्षित और विशेषज्ञ स्थान प्रदान करना है, ताकि कर्मचारी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और ऐसे मामलों की शिकायत कर सकें।
समापन
वहीं इस घटना की गंभीरता को देखते हुए, इस मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है, और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में महिला कर्मचारी की सुरक्षा और समानता की महत्वपूर्ण बात है, और कुछ कदम आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
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